The Thirteenth Floor – तेरहवीं मंज़िल की लिफ्ट

The Thirteenth Floor – तेरहवीं मंज़िल की लिफ्ट

शहर के बाहर एक पुराना होटल था, जो कई सालों से बंद पड़ा था।

मोहित वहाँ रात में फोटो लेने गया।

होटल की तीसरी मंज़िल पर एक कमरा था—

309

दरवाज़ा आधा खुला था।

मोहित ने मोबाइल की फ्लैशलाइट जलाई और अंदर चला गया।

कमरे में धूल थी, लेकिन बेड बिल्कुल साफ़ था।

तकिए पर एक छोटा कागज़ रखा था—

“आज रात यहाँ मत सोना।”

मोहित हँस पड़ा।

“किसी ने मज़ाक किया है।”

उसने कागज़ जेब में रख लिया।

रात करीब 1 बजे उसे बाहर गलियारे में किसी के चलने की आवाज़ सुनाई दी।

ठक… ठक… ठक…

वह दरवाज़े तक गया।

गलियारा खाली था।

वापस बेड पर आया तो तकिए पर वही कागज़ फिर रखा था।

इस बार उस पर लिखा था—

“अब तुमने आवाज़ सुन ली है।”

मोहित का चेहरा गंभीर हो गया।

तभी कमरे का फोन बजा।

ट्रिन… ट्रिन…

उसने रिसीवर उठाया।

दूसरी तरफ एक आदमी की घबराई हुई आवाज़ थी—

“कमरा 309 छोड़कर तुरंत बाहर निकलो।”

मोहित ने पूछा—

“आप कौन हैं?”

आवाज़ आई—

“मैं भी इसी कमरे में हूँ।”

मोहित ने कमरे में चारों तरफ देखा।

कोई नहीं था।

अमन जिस ऑफिस में काम करता था, वहाँ सिर्फ़ 12 मंज़िलें थीं।

लेकिन एक रात उसे ऑफिस में देर हो गई।

करीब 11:40 बजे वह लिफ्ट में अकेला खड़ा था।

उसने Ground Floor का बटन दबाया।

लिफ्ट नीचे जाने लगी।

12…

11…

10…

तभी लिफ्ट अचानक रुक गई।

डिस्प्ले पर नंबर आया—

13

अमन ने घबराकर बटन दबाए।

“यह कैसे हो सकता है?”

लिफ्ट का दरवाज़ा खुल गया।

बाहर एक लंबा अंधेरा गलियारा था।

अमन ने बाहर कदम नहीं रखा।

तभी गलियारे से किसी लड़की की आवाज़ आई—

“अमन, मुझे बाहर निकालो।”

अमन पीछे हट गया।

उसने लिफ्ट का दरवाज़ा बंद करना चाहा।

लेकिन बटन काम नहीं कर रहा था।

लड़की की आवाज़ फिर आई—

“तुम्हें याद नहीं है?”

अमन ने पूछा—

“क्या?”

आवाज़ बोली—

“तुमने मुझे यहीं छोड़ा था।”

अमन का दिल तेज़ धड़कने लगा।

उसे कुछ भी याद नहीं था।

तभी गलियारे की लाइट जल गई।

सामने एक लड़की खड़ी थी।

अमन उसे देखते ही पहचान गया।

वह उसकी पुरानी ऑफिस colleague रिया थी।

लेकिन रिया की मौत…

दो साल पहले हो चुकी थी।

रिया धीरे-धीरे लिफ्ट की तरफ आई।

उसने कहा—

“उस रात भी तुमने लिफ्ट का यही बटन दबाया था।”

अमन ने सिर हिलाया।

“मैं उस रात ऑफिस में था ही नहीं।”

रिया मुस्कुराई।

“तुम्हें यही याद रखना सिखाया गया है।”

लिफ्ट का डिस्प्ले फिर बदला।

13 → 12

अमन ने राहत की साँस ली।

लेकिन रिया ने उसका हाथ पकड़ लिया।

“नीचे मत जाना।”

“क्यों?”

उसने फुसफुसाकर कहा—

“नीचे तुम नहीं हो।”

लिफ्ट तेजी से नीचे जाने लगी।

12…

11…

10…

अचानक सारे नंबर गायब हो गए।

दरवाज़ा खुला।

अमन ने बाहर देखा।

वह उसी ऑफिस की लॉबी में था।

सब कुछ सामान्य था।

गार्ड अपनी कुर्सी पर बैठा था।

अमन ने राहत की साँस ली।

उसने गार्ड से पूछा—

“आज ऑफिस में कितने लोग हैं?”

गार्ड ने कहा—

“आप अकेले हैं।”

अमन ने पीछे देखा।

लिफ्ट बंद हो चुकी थी।

अगली सुबह ऑफिस के पुराने CCTV फुटेज में एक अजीब चीज़ मिली।

रात 11:40 बजे अमन लिफ्ट में गया था।

लेकिन फुटेज में वह अकेला नहीं था।

उसके पीछे रिया खड़ी थी।

और सबसे अजीब बात—

लिफ्ट का डिस्प्ले 13 पर नहीं रुका था।

वह सीधे…

Ground Floor पर गया था।

अमन ने फुटेज देखते हुए पूछा—

“फिर मुझे तेरहवीं मंज़िल कैसे दिखाई दी?”

गार्ड ने उसकी तरफ देखा और धीरे से कहा—

“क्योंकि हमारे ऑफिस में 13वीं मंज़िल कभी थी ही नहीं।”

उस रात के बाद अमन ने लिफ्ट का इस्तेमाल करना छोड़ दिया।

लेकिन कुछ दिनों बाद ऑफिस की लिफ्ट में एक नया बटन दिखाई दिया।

13

और उसके नीचे किसी ने पेन से लिखा था—

“रिया अभी भी इंतज़ार कर रही है।”

इस घटना को कुछ लोग real horror story in hindi मानते हैं, लेकिन इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है।

ऐसी horror story in hindi का डर किसी मंज़िल में नहीं, बल्कि उस सवाल में छिपा है कि अगर कोई ऐसी जगह मौजूद हो जो इमारत के नक्शे में ही नहीं है…

तो वहाँ जाने वाले लोग आखिर कहाँ जाते हैं?

और ऐसी unexpected stories में सबसे डरावनी बात शायद यह है—

अमन ने जिस रात 13वीं मंज़िल देखी थी, उस रात ऑफिस की लिफ्ट का CCTV रिकॉर्ड ही गायब था।

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