“अगर यह तस्वीर तुम्हें मिल गई है, तो मुझे ढूँढने की कोशिश मत करना।”
यह लाइन राघव को एक पुराने कैमरे के अंदर मिली फिल्म के साथ रखे कागज़ पर लिखी हुई थी।
कैमरा उसे अपने दोस्त के पुराने घर की सफाई करते समय मिला था।
घर कई सालों से बंद था।
राघव को पुराने कैमरों में दिलचस्पी थी, इसलिए उसने कैमरा अपने पास रख लिया।
उसे अंदाज़ा नहीं था कि उस कैमरे में अभी भी एक फिल्म मौजूद थी।
14 तस्वीरें
फिल्म में कुल चौदह तस्वीरें थीं।
पहली तस्वीर में एक सुनसान सड़क थी।
दूसरी में पुराना रेलवे स्टेशन।
तीसरी में एक जंगल।
हर तस्वीर के पीछे तारीख़ लिखी थी।
लेकिन चौदहवीं तस्वीर देखकर राघव रुक गया।
उसमें एक लड़की खिड़की के पास खड़ी थी।
चेहरा कैमरे से दूसरी तरफ था।
पीछे लिखा था—
“इसे आखिरी बार यहीं देखा गया था।”
राघव ने तस्वीर को पलटकर फिर देखा।
लड़की की कलाई पर एक छोटी-सी घड़ी थी।
समय था—
11:42
एक नाम
राघव ने तस्वीर अपने दोस्त अमित को दिखाई।
अमित ने तस्वीर देखते ही कहा—
“यह तो मेरी बहन जैसी दिख रही है।”
राघव हँस पड़ा।
लेकिन अमित हँसा नहीं।
उसकी बहन नैना दस साल पहले गायब हुई थी।
उस समय वह सिर्फ़ सत्रह साल की थी।
पुलिस को कभी उसका कोई सुराग नहीं मिला।
राघव ने पूछा—
“क्या उसकी कोई फोटो है?”
अमित पुराने फोन में तस्वीरें देखने लगा।
कुछ मिनट बाद उसने एक फोटो दिखाई।
राघव की साँस रुक गई।
नैना के हाथ में…
बिल्कुल वही घड़ी थी।
कैमरा कहाँ से आया?
दोनों कैमरा लेकर उस घर में वापस गए।
राघव ने पूछा कि कैमरा किसका था।
अमित के पिता ने बताया कि वह कैमरा उनके पुराने पड़ोसी का था।
नैना के गायब होने से कुछ दिन पहले वह पड़ोसी भी अचानक घर छोड़कर चला गया था।
उसके बाद किसी ने उसे नहीं देखा।
घर की अलमारी में कैमरा रह गया।
राघव ने कैमरे को ध्यान से देखा।
उसके नीचे एक छोटा नंबर खुदा था—
11:42
पुरानी रिकॉर्डिंग
राघव ने कैमरे की फिल्म फिर से जांची।
एक तस्वीर ऐसी थी जो पहले दिखाई नहीं दी थी।
तस्वीर में एक कमरा था।
कमरे के अंदर नैना खड़ी थी।
और उसके सामने कैमरा पकड़े एक आदमी था।
आदमी का चेहरा दिखाई नहीं दे रहा था।
लेकिन उसके कपड़े देखकर अमित ने कहा—
“ये कपड़े मेरे पिता के हैं।”
कमरे में सन्नाटा छा गया।
सच की तलाश
अमित ने अपने पिता से सवाल किया।
उन्होंने पहले सब कुछ नकार दिया।
लेकिन जब राघव ने तस्वीर सामने रखी, तो उनका चेहरा बदल गया।
उन्होंने आखिरकार बताया कि नैना को उस पुराने घर में आखिरी बार उन्होंने ही देखा था।
लेकिन वह उसे वहाँ छोड़कर नहीं गए थे।
उन्होंने कहा—
“जब मैं वापस आया, वह गायब थी।”
“फिर आपने पुलिस को क्यों नहीं बताया?”
उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।
कुछ देर बाद बोले—
“क्योंकि उस कमरे में मैंने उसे अकेला नहीं देखा था।”
कमरे में कौन था?
राघव ने पूछा—
“और कौन था?”
नैना के पिता ने धीरे से कहा—
“मेरी बेटी के पीछे एक और लड़की खड़ी थी।”
वह लड़की बिल्कुल नैना जैसी दिखती थी।
लेकिन वह उससे कुछ साल बड़ी थी।
राघव ने तस्वीर फिर देखी।
अब उसे समझ आया कि फोटो में नैना के पीछे शीशे में एक दूसरी आकृति क्यों दिखाई दे रही थी।
आखिरी तस्वीर
राघव ने कैमरे की आखिरी फिल्म निकाली।
इस बार उसने तस्वीर खुद विकसित की।
तस्वीर में वही पुराना कमरा था।
नैना सामने खड़ी थी।
उसके पीछे दूसरी लड़की।
और कमरे के कोने में…
राघव खुद खड़ा था।
उसने तुरंत कैमरा नीचे रख दिया।
“यह कैसे हो सकता है?”
अमित ने तस्वीर हाथ में ली।
पीछे सिर्फ़ एक लाइन लिखी थी—
“अगली तस्वीर तुम्हारी होगी।”
रात 11:42
उस रात राघव को नींद नहीं आई।
घड़ी में 11:41 हुए।
उसने कमरे की सारी लाइटें जला दीं।
11:42 पर…
उसके पुराने कैमरे से अचानक क्लिक की आवाज़ आई।
चटाक!
राघव ने कैमरा उठाया।
उसमें कोई फिल्म नहीं थी।
फिर भी कैमरे के पीछे एक तस्वीर बाहर निकल रही थी।
उसने तस्वीर खींची।
उसमें उसका कमरा दिखाई दे रहा था।
राघव बिस्तर पर बैठा था।
लेकिन तस्वीर लेने वाला…
उसके पीछे खड़ा था।
अगली सुबह
अमित जब राघव के घर पहुँचा तो दरवाज़ा खुला था।
राघव वहाँ नहीं था।
कमरे में कोई संघर्ष के निशान नहीं थे।
सिर्फ़ कैमरा मेज पर रखा था।
उसके अंदर एक आखिरी तस्वीर थी।
तस्वीर में राघव उसी पुराने घर के कमरे में खड़ा था।
उसके सामने नैना खड़ी थी।
दोनों कैमरे की तरफ देख रहे थे।
लेकिन तस्वीर के कोने में एक और चीज़ दिखाई दे रही थी—
एक तीसरी परछाई।
जिसका शरीर…
तस्वीर में था ही नहीं।
पुलिस को राघव कभी नहीं मिला।
पुराना कैमरा भी बाद में गायब हो गया।
इस घटना को कुछ लोग एक real horror story in hindi मानते हैं, जबकि कुछ इसे सिर्फ़ एक अधूरी कहानी कहते हैं।
लेकिन अमित आज भी कहता है कि उसके घर की पुरानी अलमारी में कभी-कभी कैमरे की क्लिक सुनाई देती है।
ऐसी horror story in hindi में सबसे डरावनी बात यह नहीं कि तस्वीर में कोई अनजान चेहरा दिखाई दे।
डर तब लगता है जब तस्वीर…
भविष्य की घटना दिखाने लगे।
और यही वजह है कि यह घटना आज भी कई unexpected stories में सबसे रहस्यमय किस्सों में गिनी जाती है।
क्योंकि आखिरी तस्वीर के पीछे लिखे शब्द आज तक कोई समझ नहीं पाया—
“फोटोग्राफ कभी झूठ नहीं बोलता… लेकिन वह हमेशा पूरी सच्चाई भी नहीं दिखाता।”
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