The Last Fuel Stop – रात का आखिरी पेट्रोल पंप

The Last Fuel Stop – रात का आखिरी पेट्रोल पंप

शहर की पुरानी लाइब्रेरी में आदित्य को एक ऐसी किताब मिली, जिस पर कोई नाम नहीं लिखा था।

किताब बाकी किताबों से अलग थी।

रात के करीब 1 बजे समीर की कार का पेट्रोल खत्म होने वाला था।

हाईवे पर दूर-दूर तक कोई दुकान या घर नहीं था।

तभी उसे सड़क के किनारे एक पेट्रोल पंप दिखाई दिया।

साइन बोर्ड पर लिखा था—

24 HOURS OPEN

समीर ने राहत की साँस ली और कार पंप के पास रोक दी।

पूरा पेट्रोल पंप खाली था।

सिर्फ़ एक बूढ़ा कर्मचारी काउंटर के पास बैठा था।

समीर ने कहा—

“भैया, टैंक फुल कर दो।”

बूढ़े ने उसकी तरफ देखा और पूछा—

“आपको यकीन है कि आप यहीं रुकना चाहते हैं?”

समीर हँस पड़ा।

“पेट्रोल चाहिए, दर्शन नहीं।”

बूढ़ा कुछ नहीं बोला।

पेट्रोल भरने के बाद समीर ने पैसे दिए।

बूढ़े ने पैसे लेने से इनकार कर दिया।

“आज नहीं।”

समीर ने पूछा—

“क्यों?”

बूढ़ा बोला—

“क्योंकि यह पेट्रोल आपकी कार के लिए नहीं है।”

समीर को उसकी बात समझ नहीं आई।

वह कार स्टार्ट करके आगे बढ़ गया।

करीब पाँच किलोमीटर बाद उसे एहसास हुआ कि सड़क वही थी।

वही पेड़।

वही पुल।

और सामने…

वही पेट्रोल पंप।

समीर ने ब्रेक लगाया।

“यह कैसे संभव है?”

वह फिर पंप के अंदर गया।

वही बूढ़ा वहीं बैठा था।

इस बार उसने समीर को देखकर कहा—

“मैंने कहा था, आगे मत जाना।”

समीर ने मोबाइल निकाला।

नेटवर्क गायब था।

उसने Google Maps खोला।

मैप पर उसकी लोकेशन दिखाई ही नहीं दे रही थी।

तभी पंप की दीवार पर लगी पुरानी घड़ी रुक गई।

समय था—

1:17 AM

बूढ़े ने कहा—

“अब तुम्हारे पास दस मिनट हैं।”

“किस चीज़ के लिए?”

उसने सड़क की तरफ इशारा किया।

दूर से एक कार आती दिखाई दी।

समीर की अपनी कार।

लेकिन उसकी कार तो पंप के सामने खड़ी थी।

कार धीरे-धीरे पास आई और पेट्रोल पंप पर रुक गई।

उसमें समीर खुद बैठा था।

वह कार से उतरा।

बूढ़े के पास गया।

और बिल्कुल वही बात कही—

“भैया, टैंक फुल कर दो।”

समीर पीछे हट गया।

उसे समझ आ गया कि वह जिस घटना को अभी देख रहा था…

वह वही घटना थी जो कुछ मिनट पहले उसके साथ हुई थी।

समीर ने बूढ़े से पूछा—

“यह सब क्या है?”

बूढ़ा बोला—

“हर रात कोई न कोई यहाँ आता है।”

“और फिर?”

“फिर वही रास्ता दोबारा शुरू हो जाता है।”

समीर ने पूछा—

“मैं यहाँ से कैसे निकलूँ?”

बूढ़े ने एक पुरानी रसीद उसके हाथ में दी।

उस पर लिखा था—

“ग्राहक: समीर
समय: 1:17 AM
स्थिति: मृत”

समीर ने रसीद फाड़ दी।

अचानक पेट्रोल पंप की सारी लाइटें बंद हो गईं।

सुबह हाईवे पर पुलिस को एक कार मिली।

कार सड़क के किनारे खड़ी थी।

इंजन बंद था।

अंदर कोई नहीं था।

डैशबोर्ड पर पेट्रोल की रसीद पड़ी थी।

लेकिन सबसे अजीब बात यह थी कि कार की टंकी बिल्कुल खाली थी।

जाँच में पता चला कि उसी हाईवे पर एक साल पहले समीर नाम के व्यक्ति की दुर्घटना में मौत हुई थी।

समय—

1:17 AM।

इस घटना को कुछ लोग real horror story in hindi कहते हैं, हालांकि इसकी कोई पुष्टि नहीं हुई।

हाईवे से गुजरने वाले कुछ ड्राइवर आज भी दावा करते हैं कि उन्हें रात में एक पुराना पेट्रोल पंप दिखाई देता है।

लेकिन वहाँ रुकने के बाद…

वही सड़क बार-बार सामने आने लगती है।

ऐसी horror story in hindi का डर किसी भूत से ज्यादा उस एहसास में है कि शायद हम जिस रास्ते पर जा रहे हैं, वह हमें आगे नहीं…

उसी जगह वापस ले जा रहा है।

और ऐसी unexpected stories में सबसे बड़ा सवाल यही है—

अगर समीर की मौत एक साल पहले हो चुकी थी, तो उस रात पेट्रोल भरवाने कौन आया था?

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