The Empty Photo Booth – खाली फोटो बूथ

The Empty Photo Booth – खाली फोटो बूथ

शहर के पुराने रेडियो स्टेशन को बंद हुए लगभग पंद्रह साल हो चुके थे।

फिर भी हर रात 12:03 बजे एक पुरानी FM frequency पर कुछ सेकंड के लिए आवाज़ आती थी।

आर्यन को पुराने रेडियो इकट्ठा करने का शौक था।

एक रात उसने वही frequency खोज ली।

रेडियो में अचानक खरखराहट हुई।

फिर एक आदमी की धीमी आवाज़ सुनाई दी—

“अगर आप मेरी आवाज़ सुन रहे हैं, तो घर से बाहर मत निकलना।”

आर्यन हँस पड़ा।

उसे लगा कोई पुरानी recording होगी।

लेकिन आवाज़ ने अगली बात कही—

“आर्यन, तुम अभी अपनी कुर्सी से उठने वाले हो।”

आर्यन वहीं जम गया।

वह अकेला कमरे में बैठा था।

कुछ सेकंड बाद रेडियो से आवाज़ आई—

“अब तुम खिड़की की तरफ देखोगे।”

आर्यन ने जानबूझकर खिड़की की तरफ नहीं देखा।

आवाज़ कुछ देर चुप रही।

फिर बोली—

शहर के पुराने मेले में करण को एक बंद पड़ा फोटो बूथ दिखाई दिया।

बूथ के ऊपर सिर्फ़ एक लाइन लिखी थी—

“एक फोटो ₹20 — भविष्य मुफ्त।”

करण हँसा और अंदर चला गया।

उसने सिक्का डाला।

कैमरे की फ्लैश चमकी।

कुछ सेकंड बाद फोटो बाहर आई।

करण ने फोटो देखी।

उसमें वह बूथ के अंदर बैठा था।

लेकिन फोटो के पीछे एक आदमी खड़ा था।

करण ने तुरंत पीछे देखा।

कोई नहीं था।

उसने दूसरी फोटो खिंचवाई।

इस बार तस्वीर में बूथ का दरवाज़ा खुला हुआ था।

फोटो के पीछे वही आदमी खड़ा था।

करण ने बूथ से बाहर निकलकर चारों तरफ देखा।

मेले में हजारों लोग थे।

लेकिन कोई ऐसा आदमी दिखाई नहीं दिया।

फिर फोटो के नीचे एक समय लिखा दिखाई दिया—

11:42 PM

करण ने अपनी घड़ी देखी।

अभी 11:39 थे।

उसे समझ आया कि तस्वीर तीन मिनट आगे की थी।

करण ने तीसरी फोटो खिंचवाई।

इस बार तस्वीर देखकर उसके हाथ काँपने लगे।

फोटो में बूथ खाली था।

वह खुद उसमें नहीं था।

पीछे खड़ा आदमी कैमरे की तरफ देख रहा था।

और उसके हाथ में एक कागज़ था।

कागज़ पर लिखा था—

“अब बाहर मत निकलना।”

करण ने तुरंत बूथ का दरवाज़ा खोला।

बाहर वही मेला था।

लेकिन…

सारी आवाज़ें बंद थीं।

लोग स्थिर खड़े थे।

कोई हिल नहीं रहा था।

सिर्फ़ वह आदमी चल रहा था।

वह धीरे-धीरे करण के पास आया।

करण ने पूछा—

“तुम कौन हो?”

आदमी ने कहा—

“जिसकी फोटो तुमने पहली बार देखी थी।”

करण ने पूछा—

“तुम मेरे पीछे क्यों हो?”

आदमी मुस्कुराया।

“क्योंकि हर फोटो में मैं तुम्हारे थोड़ा और करीब आता हूँ।”

करण ने अपना पहला फोटो निकाला।

आदमी बहुत दूर था।

दूसरे फोटो में वह पास था।

तीसरे में और पास।

करण ने चौथी फोटो लेने के लिए कैमरे की तरफ देखा।

कैमरा अपने आप चल पड़ा।

फ्लैश!

फोटो बाहर आई।

इस बार तस्वीर में करण नहीं था।

सिर्फ़ वह आदमी था।

और उसके पीछे…

करण खड़ा था।

करण ने फोटो बूथ से बाहर निकलने की कोशिश की।

लेकिन अब मेला गायब था।

चारों तरफ अंधेरा था।

सिर्फ़ फोटो बूथ की लाइट जल रही थी।

मशीन से एक आखिरी फोटो बाहर निकली।

उस पर लिखा था—

“फोटो 5 — ग्राहक वापस आ चुका है।”

सुबह मेले में लोगों को वही फोटो बूथ मिला।

अंदर एक नया सिक्का रखा था।

और मशीन के अंदर एक फोटो।

फोटो में करण बूथ के अंदर बैठा मुस्कुरा रहा था।

लेकिन नीचे एक नई कीमत लिखी थी—

“₹20 — अगली याद मुफ्त।”

इस घटना को कुछ लोग real horror story in hindi मानते हैं, जबकि इस तरह के फोटो बूथ का कोई प्रमाणित रिकॉर्ड नहीं है।

फिर भी ऐसी horror story in hindi में सबसे डरावना विचार यही है कि अगर कोई कैमरा आपका भविष्य दिखा सकता है, तो शायद वह भविष्य केवल दिखाता नहीं…

उसे तय भी करता है।

और ऐसी unexpected stories का सवाल यही रह जाता है—

अगली फोटो में कौन दिखाई देगा?

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Unexpected stories.in