पहाड़ों को काटकर बनाई गई सुरंगें इंसानों की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग उपलब्धियों में से एक मानी जाती हैं। लेकिन कुछ सुरंगें ऐसी भी होती हैं जहाँ मशीनें काम करना बंद कर देती हैं, घड़ियाँ रुक जाती हैं और लोगों का समय जैसे थम जाता है। आज की real horror story in hindi ऐसी ही एक काली सुरंग की कहानी है, जिसका नाम सुनते ही आसपास के गाँवों के लोग रास्ता बदल लेते हैं।
एक अधूरी परियोजना
अरुणाचल प्रदेश की पहाड़ियों के बीच कई साल पहले एक लंबी रेलवे सुरंग बनाई जा रही थी। निर्माण लगभग पूरा हो चुका था, लेकिन उद्घाटन से कुछ दिन पहले अचानक पूरा काम रोक दिया गया।
सरकारी रिकॉर्ड में कारण “भूस्खलन का खतरा” लिखा गया।
लेकिन वहाँ काम करने वाले मजदूरों की कहानी अलग थी।
उनका कहना था कि सुरंग के अंदर रात के समय किसी के चलने की आवाज़ आती थी, जबकि वहाँ कोई मौजूद नहीं होता था।
धीरे-धीरे मजदूर नौकरी छोड़ने लगे और परियोजना हमेशा के लिए बंद हो गई।
रोहित की जिज्ञासा
रोहित एक डॉक्यूमेंट्री फिल्ममेकर था।
उसे रहस्यमयी जगहों पर जाकर सच्चाई खोजने का शौक था।
जब उसने इस सुरंग के बारे में सुना, तो उसने वहीं एक रात बिताने का फैसला किया।
गाँव के एक बुजुर्ग ने उसे जाते समय सिर्फ एक सलाह दी—
“अगर सुरंग के अंदर तुम्हें अपनी ही आवाज़ सुनाई दे…
तो जवाब मत देना।”
रोहित मुस्कुरा दिया।
उसे लगा कि यह भी किसी लोककथा का हिस्सा होगा।
सुरंग का प्रवेश द्वार
शाम ढलने तक वह सुरंग के बाहर पहुँच चुका था।
विशाल लोहे का गेट आधा टूटा हुआ था।
उस पर जंग लगी हुई थी।
अंदर से ठंडी हवा लगातार बाहर आ रही थी।
मोबाइल का नेटवर्क पहले ही गायब हो चुका था।
उसने कैमरा चालू किया और रिकॉर्डिंग शुरू कर दी।
सुरंग के अंदर हर कदम की आवाज़ कई बार गूँज रही थी।
पहले कुछ सौ मीटर तक सब सामान्य था।
फिर अचानक उसकी टॉर्च की रोशनी बार-बार टिमटिमाने लगी।
उसे पहली बार महसूस हुआ कि यह किसी साधारण horror story in hindi जैसी जगह नहीं थी।
दीवारों पर निशान
जैसे-जैसे वह आगे बढ़ा, दीवारों पर सफेद चॉक से बने अजीब निशान दिखाई देने लगे।
कुछ जगहों पर लोगों के नाम लिखे थे।
हर नाम के आगे एक तारीख भी थी।
आखिरी नाम देखकर उसका दिल रुक-सा गया।
वहाँ लिखा था—
रोहित
और तारीख…
आज की थी।
उसने घबराकर कैमरा उस दीवार की तरफ घुमाया।
लेकिन रिकॉर्डिंग में दीवार बिल्कुल साफ दिखाई दे रही थी।
कोई नाम नहीं।
कोई निशान नहीं।
दूसरी तरफ कौन है?
सुरंग के बीच पहुँचते ही उसे सामने से कदमों की आवाज़ सुनाई दी।
टप…
टप…
टप…
ऐसा लग रहा था जैसे कोई उसी की तरफ आ रहा हो।
उसने टॉर्च सामने घुमाई।
कोई नहीं।
आवाज़ बंद हो गई।
जैसे ही उसने चलना शुरू किया…
कदमों की आवाज़ फिर शुरू हो गई।
अबकी बार पीछे से।
उसने तुरंत मुड़कर देखा।
फिर भी कोई नहीं।
उसके शरीर में सिहरन दौड़ गई।
पुरानी हेलमेट
थोड़ा आगे बढ़ने पर उसे एक टूटी हुई सेफ्टी हेलमेट मिली।
उसके अंदर एक मुड़ा हुआ कागज़ रखा था।
उस पर लिखा था—
“अगर तुम यह पढ़ रहे हो…
तो वापस लौट जाओ।
सुरंग बाहर से जितनी लंबी दिखती है, अंदर उससे कहीं ज़्यादा गहरी है।”
कई लोग इस तरह की घटनाओं को सिर्फ short horror story in hindi समझकर भूल जाते हैं, लेकिन रोहित के सामने जो हो रहा था, वह किसी कहानी से कहीं ज़्यादा डरावना था।
समय का जाल
उसने घड़ी देखी।
रात के 11:45 बजे थे।
कुछ देर बाद दोबारा समय देखा।
अब भी 11:45 ही थे।
मोबाइल की घड़ी भी नहीं चल रही थी।
सुरंग के अंदर समय जैसे रुक चुका था।
तभी दूर हल्की रोशनी दिखाई दी।
रोहित को लगा कि शायद वह दूसरी तरफ का निकास होगा।
वह तेज़ी से उसकी ओर दौड़ा।
लेकिन जितना आगे बढ़ता…
रोशनी उतनी ही दूर चली जाती।
मजदूर की डायरी
सुरंग की दीवार के पास एक पुराना बैग पड़ा था।
उसमें एक डायरी मिली।
वह एक मजदूर की थी।
उसमें लिखा था कि खुदाई के दौरान सुरंग के नीचे एक बहुत पुराना मंदिर मिला था।
इंजीनियरों ने उसे हटाकर काम जारी रखा।
उसके बाद हर रात कोई न कोई मजदूर गायब होने लगा।
जो लौटकर आए…
उन्होंने सिर्फ एक बात कही—
“सुरंग के अंदर कोई हमें वापस जाने नहीं देना चाहता।”
यहीं से इस mystery story hindi की असली शुरुआत होती है।
आखिरी मोड़
रोहित आगे बढ़ ही रहा था कि अचानक पूरी सुरंग में तेज़ हवा चलने लगी।
उसकी टॉर्च बुझ गई।
चारों तरफ घना अंधेरा फैल गया।
उसी अंधेरे में दर्जनों लोगों की फुसफुसाहट सुनाई देने लगी।
धीरे-धीरे सभी आवाज़ें एक ही शब्द बोलने लगीं—
“रुको…”
“रुको…”
“रुको…”
अचानक सामने रोशनी दिखाई दी।
लेकिन इस बार वहाँ निकास नहीं था।
सैकड़ों लोग खड़े थे।
सभी ने निर्माण मजदूरों की वर्दी पहन रखी थी।
उनके चेहरे धूल से ढके हुए थे।
आँखें पूरी तरह काली।
वे धीरे-धीरे रोहित की तरफ बढ़ने लगे।
क्या वह बाहर निकल पाया?
रोहित पूरी ताकत से उल्टी दिशा में भागा।
कुछ मिनट बाद उसे दूर बाहर की रोशनी दिखाई दी।
वह सुरंग से निकलकर सड़क पर गिर पड़ा।
सुबह जब उसकी आँख खुली तो गाँव वाले उसके आसपास खड़े थे।
सबने राहत की साँस ली।
लेकिन जब उसने कैमरे की रिकॉर्डिंग देखी…
तो पूरी रात का वीडियो गायब था।
सिर्फ आखिरी दस सेकंड बचे थे।
उन दस सेकंड में रोहित सुरंग के अंदर खड़ा मुस्कुरा रहा था।
और कैमरे की तरफ देखकर सिर्फ एक बात कह रहा था—
“अंदर अभी बहुत लोग इंतज़ार कर रहे हैं…”
आज भी उस अधूरी सुरंग के पास से गुजरने वाले ट्रक चालक रात होने से पहले रास्ता पार कर लेते हैं।
कहा जाता है कि अगर किसी सुरंग में तुम्हारे कदमों की आवाज़ तुम्हारे बाद भी सुनाई देती रहे…
तो कभी पीछे मुड़कर मत देखना।
क्योंकि कुछ रास्ते मंज़िल तक नहीं ले जाते…
वे इंसान को हमेशा के लिए अपने अंदर कैद कर लेते हैं।
इसी वजह से लोग इसे केवल एक suspense story hindi नहीं, बल्कि उन रहस्यों में से एक मानते हैं जिनका जवाब आज तक किसी के पास नहीं है।
पूरी कहानी पढ़ने के लिए यहाँ जाएँ:
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